संसाधन

खनिज

कोरिया जिला में उच्च ग्रेड कोयले का विशाल भंडार है। मुख्य कोयला बेल्ट हसदो बेसिन में है। प्रमुख भंडार चिरमिरी, झगराखंड, चरचा,कटकोना,पंडोपारा और सोनहत में हैं। अन्य भंडार नगर,अमृतधारा,गुटरा,किलहरी,पत्थरगाँव और दमुज-लब्जी में हैं। यहाँ कोरिया जिले में चूना पत्थर, आग मिट्टी और लाल ऑक्साइड के छोटे भंडार हैं।

जलनिकास

कोरिया जिला का छोटा सा हिस्सा गंगा बेसिन में निहित है और शेष भाग महानदी बेसिन में है। सोनहत के उत्तर में मेन्द्रा गांव पर से गंगा बेसिन शुरू होता है और मेन्द्रा के दक्षिण की ओर महानदी बेसिन है गोपद सोन नदी की प्रमुख सहायक नदी है और इसका उद्गम लगभग 10 मील दूर मेन्द्रा गाँव के उत्तर से है। हसदेव महानदी की प्रमुख सहायक नदी है जो मेन्द्रा गांव से निकलती है। हसदेव के मुख्य सहायक नदियां गेज, झुमका और बनिया हैं। जिले के पूर्वी क्षेत्र सोन बेसिन में आता है और ये गोबरी नदी द्वारा अपवाहित होती है जो सुरगुजा ज़िले मे रेहर नदी से मिलती है गोबरी का उद्गम स्थल पटना के उत्तरी पहाड़ो से है|

जंगल

कोरिया जिला में जंगलों की विशाल रेंज है। 19 वीं सदी के अंतिम दशक तक, कोरिया जिला में यहाँ और वहाँ फैले हुए गांवों के साथ जंगलों की एक विशाल विस्तार था। ये जंगल बहुत घने और मोटे थे।
वन और कोयले जिले की अर्थव्यवस्था में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कोलफील्ड्स

जिला कोयला में बहुत समृद्ध है। मुख्य कोयला क्षेत्र इस प्रकार हैं: -

1. चिरमिरी कोलफील्ड्स: - सात मुख्य कोयला खान इस क्षेत्र के अंतर्गत में आता है। वे चिरमिरी, कुरासिया, एन.सी.पी.एच, कोरिया, डोमनहिल,गेल्हापानी (उत्तर चिरमिरी) और पश्चिम चिरमिरी हैं। असल में दो तरीकों का एस.ई.सी.एल द्वारा (साउथ ईस्टर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड भारत सरकार के अंतर्गत) कोयले के उत्पादन के लिए ओपन कास्ट और जमीन खनन प्रणाली उपयोग किया जाता है। कोयला का ग्रेड ए और बी है।

2. बैकुंठपुर कोलफील्ड्स:- मुख्य कोयला खान चरचा,पंडोपारा,कटकोना है।

3. झगराखांड या हसदेव कोलफील्ड्स:-कोयला जिले की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है जो निम्नलिखित सांख्यिकीय डेटा द्वारा दिखाया जाता है।

साल उत्पादन (टन में) राजस्व (रु)
1997-1998 56,16,237 64,72,07,931
1998-1999 55,46,759 69,57,56,229
1999-2000 47,92,102 63,91,07,531

वनस्पति

कोरिया जिले में अधिकांश सामान्य पेड़ साल, महुआ, तेंदू, पलस, चार, बीजा,हर्रा, बहेड़ा,शीसम, कुसुम,साल्या, खैर, अरुण, गमहर आदि है बांस ज्यादातर जंगलों में उपलब्ध हैं। नीच कुछ सूचीबद्ध वानस्पतिक नाम या वैज्ञानिक नाम दिए गए हैं।

क्र.सं. स्थानीय नाम वानस्पतिक नाम
1 साजा टर्मिनलिए टोमेंटोसा
2 साल शोरी रूबूसता
3 आम माँगीफेरा इंडिका
4 महुआ बसिअ लतीफोलीअ
5 शीशम डालबेर्गिअ लतीफीलिए
6 गमहर गमेलिना अरबोरी
7 हर्रा टर्मिनलिए चेबुला
8 जामुन एउगेनिअ जम्सबोलाना
9 तेंदू दिओस्प्य्रोस मेलनोक्सिलों
10 खैर एकेसिया कटेचु
11 कुसुम सचलीचेरा त्रिजुगा
12 इमली टमरइंडस इंडिका
13 बीजा पटेरोकार्पस
14 और्जुन टर्मिनलिए अर्जुन
15 सदन ओगिनिअ बलबेर्जिविदेस
16 पलास बूटी फ्रोंडोसा

नदियाँ

कोरिया जिले में विभिन्न नदियाँ हैं:-

1.हसदेव :- हसदो सबसे बड़ी नदी दक्षिण की ओर बहती है। यह सोनहत पठारपर 23º30' उत्तर 82º30' पूर्व से निकलती है और जिले के दक्षिण -पश्चिमी हिस्से में बहती है। इस जिले में, नदी एक 'एस' जैसा अकार बनाती है औरलगभग 95 किमी के तक बहती है। लगभग72 किमी बहने केबाद, यह 23º उत्तर में बिलासपुर जिला में प्रवेश करती है। महानदी में मिलने से पहले यह गेज और चोर्नायी से बाएं किनारे पर और तेन और अहिरन से दाये किनारे पर जल प्राप्त करती है। नदी की कुल लंबाई 245 किलोमीटर है। घाटी संकीर्ण है।नदी के साथ महत्वपूर्ण बस्तियों सोनहत, घुगरा, मनेन्द्रगढ़, कोसगाइन , कोरबा और चंपा हैं।

2.गेज :-गेज केन्द्रीय पठार के पश्चिम के पहाड़ियों से निकलता है यह बैकुंठपुर के बाद बहती है और बाएं से झिंक और एटम आ मिलती है। यह हसदों के माध्यम से महानदी में मिलती है मैनपाट के उत्तर-पूर्वी ढलान से बढ़ते हुए, जिले के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में मंद बहती है। इसके अलावा यह रायगढ़ और बिलासपुर जिले में बहती है। यह महानदी में मिलती है|

3.गोपद :-गोपाद सरगुजा ज़िले मे सोनहत पठार (23º32 'नोर्थ, 82º31' ईस्ट) के उत्तरी ढलान से निकलती है यह उत्तर और पश्चिम में दो चरणों मे बहती है सिधी जिले में, गोपाद पहले सीधी जिला के साथ भरतपुर तहसील की सीमा के साथ पश्चिम में बहती है। नदी फिर उत्तर और उत्तर-पश्चिम तक पहुंचती है और उत्तरी-पश्चिमी और उत्तरी-पूर्व में फैंली जाती है। नदी गोविनी और सरगुजा में नेऊर, और सेहरा, कनदास और सिधी में मोहन से जुड़ती है। धारा बार्डी के समीप सोन से मिलती है|