प्राकृतिक संसाधन

कोरिया ज़िले के प्राकृतिक संसाधन इस प्रकार है:

खनिज संसाधन

कोरिया जिला में उच्च ग्रेड कोयले का विशाल भंडार है। मुख्य कोयला बेल्ट हसदो बेसिन में है। प्रमुख भंडार चिरमिरी, झगराखंड, चरचा,कटकोना,पंडोपारा और सोनहत में हैं। अन्य भंडार नगर,अमृतधारा,गुटरा,किलहरी,पत्थरगाँव और दमुज-लब्जी में हैं। यहाँ कोरिया जिले में चूना पत्थर, आग मिट्टी और लाल ऑक्साइड के छोटे भंडार हैं।

कोयला क्षेत्र

कोयला जिले का प्रमुख संसाधन है। प्रमुख कोयला क्षेत्र इस प्रकार हैं:

  1. चिरमिरी कोयला क्षेत्र : सात मुख्य कोयला खान इस क्षेत्र के अंतर्गत में आता है। वे चिरमिरी, कुरासिया, एन.सी.पी.एच, कोरिया, डोमनहिल,गेल्हापानी (उत्तर चिरमिरी) और पश्चिम चिरमिरी हैं। असल में दो तरीकों का एस.ई.सी.एल द्वारा (साउथ ईस्टर्न कोलफ़ील्ड्स लिमिटेड भारत सरकार के अंतर्गत) कोयले के उत्पादन के लिए ओपन कास्ट और जमीन खनन प्रणाली उपयोग किया जाता है। कोयला का ग्रेड ए और बी है।

  2. बैकुंठपुर कोयला क्षेत्र : इस क्षेत्र के अंतर्गत बैकुंठपुर, चर्चा पंडोपारा कटकोना है |
  3. झगराखांड या हसदेव कोयला क्षेत्र: इस क्षेत्र के अंतर्गत झगराखांड एंड हल्दीबड़ी |

नदियाँ

कोरिया जिले की प्रमुख नदियाँ इस प्रकार हैं-

  1. हसदो : हसदो सबसे बड़ी नदी दक्षिण की ओर बहती है। यह सोनहत पठारपर 23º30′ उत्तर 82º30′ पूर्व से निकलती है और जिले के दक्षिण -पश्चिमी हिस्से में बहती है। इस जिले में, नदी एक ‘एस’ जैसा अकार बनाती है औरलगभग 95 किमी के तक बहती है। लगभग72 किमी बहने केबाद, यह 23º उत्तर में बिलासपुर जिला में प्रवेश करती है। महानदी में मिलने से पहले यह गेज और चोर्नायी से बाएं किनारे पर और तेन और अहिरन से दाये किनारे पर जल प्राप्त करती है। नदी की कुल लंबाई 245 किलोमीटर है। घाटी संकीर्ण है।नदी के साथ महत्वपूर्ण बस्तियों सोनहत, घुगरा, मनेन्द्रगढ़, कोसगाइन , कोरबा और चंपा हैं।

  2. गेज: गेज केन्द्रीय पठार के पश्चिम के पहाड़ियों से निकलता है यह बैकुंठपुर के बाद बहती है और बाएं से झिंक और एटम आ मिलती है। यह हसदों के माध्यम से महानदी में मिलती है मैनपाट के उत्तर-पूर्वी ढलान से बढ़ते हुए, जिले के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में मंद बहती है। इसके अलावा यह रायगढ़ और बिलासपुर जिले में बहती है। यह महानदी में मिलती है|

  3. गोपद : गोपद सरगुजा ज़िले मे सोनहत पठार (23º32 ‘नोर्थ, 82º31’ ईस्ट) के उत्तरी ढलान से निकलती है यह उत्तर और पश्चिम में दो चरणों मे बहती है सिधी जिले में, गोपाद पहले सीधी जिला के साथ भरतपुर तहसील की सीमा के साथ पश्चिम में बहती है। नदी फिर उत्तर और उत्तर-पश्चिम तक पहुंचती है और उत्तरी-पश्चिमी और उत्तरी-पूर्व में फैंली जाती है। नदी गोविनी और सरगुजा में नेऊर, और सेहरा, कनदास और सिधी में मोहन से जुड़ती है। धारा बार्डी के समीप सोन से मिलती है|

जंगल

कोरिया जिला में जंगलों की विशाल रेंज है। 19 वीं सदी के अंतिम दशक तक, कोरिया जिला में यहाँ और वहाँ फैले हुए गांवों के साथ जंगलों की एक विशाल विस्तार था। ये जंगल बहुत घने और मोटे थे।वन और कोयले जिले की अर्थव्यवस्था में एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मनेन्द्रगढ़ वन मंडल के अंतर्गत कुल 1807.564 वर्ग किमी है जबकि बैकुंठपुर वन मंडल के अंतर्गत कुल 1778.222 वर्ग किमी है इस प्रकार कुल वन क्षेत्र फल 3585.786 वर्ग किमी है ये आंकड़े वर्ष 2015-16 के है|

अपवाह तन्त्र

कोरिया जिला का छोटा सा हिस्सा गंगा बेसिन में निहित है और शेष भाग महानदी बेसिन में है। सोनहत के उत्तर में मेन्द्रा गांव पर से गंगा बेसिन शुरू होता है और मेन्द्रा के दक्षिण की ओर महानदी बेसिन है गोपद सोन नदी की प्रमुख सहायक नदी है और इसका उद्गम लगभग 10 मील दूर मेन्द्रा गाँव के उत्तर से है। हसदेव महानदी की प्रमुख सहायक नदी है जो मेन्द्रा गांव से निकलती है। हसदेव के मुख्य सहायक नदियां गेज, झुमका और बनिया हैं। जिले के पूर्वी क्षेत्र सोन बेसिन में आता है और ये गोबरी नदी द्वारा अपवाहित होती है जो सुरगुजा ज़िले मे रेहर नदी से मिलती है गोबरी का उद्गम स्थल पटना के उत्तरी पहाड़ो से है|